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नीरज चोपड़ा : इस बड़ी गलती ने छीना डायमंड लीग फाइनल का खिताब

Diamond League 2025 Final में नीरज चोपड़ा को हार का सामना करना पड़ा। जानें किस बड़ी गलती और दबाव ने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया और आगे उनकी क्या योजना है।
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नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग फाइनल में लगातार तीसरा सिल्वर मेडल जीता

स्पोर्ट्स डेस्क,खबरदार India: स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में आयोजित डायमंड लीग फाइनल 2025 भाला फेंक प्रतियोगिता में नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर अपने हुनर और जज्बे से सबका दिल जीत लिया, हालांकि वे अंतिम समय में खिताब से सिर्फ एक कदम दूर रह गए। उनकी खिताबी जीत की उम्मीदें इस बार जर्मनी के जूलियन वेबर के भव्य थ्रो के सामने टिक नहीं पाईं, लेकिन नीरज ने अपनी मेहनत और संघर्ष से सभी को प्रेरित किया।

 

निर्णायक गलती ने बदल दिया मुकाबला

ज्यूरिख के डायमंड लीग फाइनल में नीरज चोपड़ा भारत की उम्मीदों के साथ विजयपथ पर उतरें, लेकिन एक तकनीकी चूक ने उनके सपनों को अधूरा छोड़ दिया। प्रतियोगिता में नीरज के शुरुआती दो थ्रो ठीक-ठाक रहे, मगर लगातार तीसरे, चौथे और पांचवें थ्रो में वे फाउल कर बैठे। मुकाबले के अहम मोड़ पर तीन बार उन्हें फाउल का सामना करना पड़ा जिसने नीरज की सधी हुई रणनीति को चुनौती में बदल दिया और जर्मनी के जूलियन वेबर ने खिताब पर कब्जा कर लिया। कई दर्शकों को लगा कि शायद इस बार नीरज की लय बिखर रही है। लेकिन ऐसे मौके पर असली खिलाड़ी का जज़्बा ही मायने रखता है। इसी जज्बे की बदौलत अंत में उन्होंने दूसरा स्थान अपने नाम किया।

 

फाइनल मुकाबले की पूरी कहानी - फाउल थ्रो ने बढ़ाया दबाव 

नीरज चोपड़ा ने कुल छह थ्रो किए। उन्होंने प्रतियोगिता की शुरुआत 84.35 मीटर के थ्रो से की, फिर 82.00 मीटर का थ्रो फेंका फिर लगातार तीसरा, चौथा और पांचवां प्रयास फाउल कर बैठे। आखिरी और निर्णायक प्रयास में उन्होंने 85.01 मीटर का थ्रो करते हुए दूसरे स्थान पर अपनी जगह बना ली। उनका यह शानदार थ्रो उन्हें केशोर्न वॉलकॉट से आगे ले गया, जिन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास 84.95 मीटर का किया था।

वहीं जूलियन वेबर ने पूरे इवेंट में दबदबा बनाया। उन्होंने पहले ही प्रयास में 91.37 मीटर और फिर दूसरे दौर में 91.51 मीटर का थ्रो किया — जो इस वर्ष का सर्वश्रेष्ठ और डायमंड लीग फाइनल का अब तक का सबसे लंबा थ्रो है। वेबर इस सीज़न में लगातार शानदार फ़ॉर्म में हैं, और ज्यूरिख में उनकी जीत ने उनके करियर को नया उछाल दिया। 

 

फाइनल स्टैंडिंग और अन्य प्रतिस्पर्धी

फाइनल में टॉप थ्री एथलीट:

1. जूलियन वेबर (जर्मनी)— 91.51 मीटर

2. नीरज चोपड़ा (भारत)— 85.01 मीटर

3. केशोर्न वॉलकॉट— 84.95 मीटर

अन्य जानी-मानी प्रतिभागी — एंडरसन पीटर्स (ग्रेनेडा) 82.06 मीटर के साथ चौथे और जूलियस येगो (केन्या) 82.01 मीटर के साथ पांचवें स्थान पर रहे।

 

 

 

दबाव में गलती, हार का सबक

नीरज ने बाद में स्वीकार किया कि तकनीकी सही न बैठ पाने और बार-बार रन-अप में गड़बड़ी से उनका लय बदला। ऐसे बड़े मुकाबलों में छोटी चूकें भी बड़ा असर डालती हैं — और डायमंड लीग के फाइनल में यही हुआ। हार का यह सबक नीरज को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए और बेहतर बनने की प्रेरणा देगा।

भले ही नीरज चोपड़ा से एक गलती हो गई, लेकिन उनकी मेहनत, समर्पण और जज्बे को कोई कम नहीं आंक सकता। आगे आने वाले टूर्नामेंट्स में वे जरूर इस कमी को सुधारेंगे और भारतीय ध्वज फिर ऊंचा करेंगे। खिलाड़ी का असली मूल्य उसकी वापसी में होता है, और नीरज बार-बार यह साबित कर चुके हैं।

 

भविष्य की राह

नीरज चोपड़ा लगातार तीसरी बार डायमंड लीग फाइनल में दूसरे स्थान पर रहकर अपनी स्थिरता और काबिलियत का सबूत दे चुके हैं। उनकी निगाह अब आगामी विश्व चैंपियनशिप और एशियन गेम्स पर हैं। कड़ी प्रतिस्पर्धा, कठिन चुनौतियों और दबाव के बावजूद उनका आत्मविश्वास अडिग है। वे हमेशा साबित करते हैं कि असली खिलाड़ी वही होता है, जो मुश्किलें आएं तो भी रुकता नहीं। उनकी मेहनत और धैर्य उन्हें भविष्य में और भी बड़ी सफलता दिलाएंगे।

नीरज के इस शानदार प्रदर्शन ने भारतीय खेल प्रेमियों में उत्साह भर दिया है और उनकी उम्मीदें बढ़ा दी हैं कि जल्द ही वे विश्व के टॉप पर और मजबूती से लौटेंगे।

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